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प्रमोटर का दावा:2018 में लक्ष्मी विलास बैंक की 50% हिस्सेदारी खरीदना चाहता था DBS बैंक, RBI ने मना कर दिया था

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एक प्रमोटर ने दावा किया है कि 2018 में सिंगापुर का DBS बैंक लक्ष्मी विलास बैंक की 50% हिस्सेदारी खरीदना चाहता था। DBS ने 100 रुपए प्रति शेयर से ज्यादा की कीमत पर यह हिस्सेदारी खरीदने का ऑफर दिया था। अब RBI ने DBS बैंक की भारतीय शाखा को ही संकटग्रस्त लक्ष्मी विलास बैंक के बेलआउट के लिए चुना है।

2018 में कैपिटल जुटाना चाहता था लक्ष्मी विलास बैंक

एक रिपोर्ट के मुताबिक, प्रमोटर केआर प्रदीप ने कहा कि 2018 में लक्ष्मी विलास बैंक ने फंड जुटाने के कार्यक्रम के तहत जेपी मॉर्गन को नियुक्त किया था। इसके तहत जेपी मॉर्गन ने बड़ी संख्या में इन्वेस्टर्स को आमंत्रित किया था। मॉर्गन ने फंड जुटाने के लिए 100 से 155 रुपए प्रति शेयर का ऑफर दिया था। उस समय DBS ने लक्ष्मी विलास बैंक की 50% हिस्सेदारी 100 रुपए प्रति शेयर से ज्यादा कीमत पर खरीदने के लिए जेपी मॉर्गन से संपर्क किया था। DBS ने लक्ष्मी विलास बैंक का कंट्रोल और इसकी ग्लोबल बैलेंस शीट कंसोलीडेट करने की बात कही थी।

RBI ने नियमों का हवाला देकर मंजूरी ना दी थी

प्रदीप ने कहा कि इसके बाद जेपी मॉर्गन और DBS विचार-विमर्श के लिए RBI के पास गए। DBS लक्ष्मी विलास बैंक में 50% हिस्सेदारी को बनाए रखना चाहता था और वह इसे डायल्यूट करने का इच्छुक नहीं था। लेकिन RBI ने कहा था कि DBS के सभी प्राइवेट बैंक प्रमोटर्स के लिए बनाए गए स्टेक डायल्यूशन नियमों को पालन करना होगा। इस कारण तब यह डील नहीं हो पाई थी।

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