Mayur News

खबरों की दुनिया

मप्र / शहीद मोहन सिंह सुनेर की प्रतिमा और स्मारक का अनावरण कल, त्रिपुरा में 1992 में शहीद हुए थे

1 min read

देपालपुर/इंदौर. क्षेत्र के युवाओं द्वारा एक अनूठा अभियान चलाया है। इसके तहत जहां क्षेत्र के एक अमर शहीद के नाम से हर साल पुरस्कार देने की शुरुआत की गई है। वहीं, शहीद की पत्नी को एक साल की अवधि में एक सर्वसुविधायुक्त घर भी बनाकर दिया जा चुका है। इसके साथ ही शहीद की यादों को जीवित बनाए रखने के लिए उसका स्मारक भी बनाने का निर्णय लिया था। इसके चलते 22 जनवरी को शहीद की प्रतिमा और स्मारक का अनावरण किया जाएगा।

त्रिपुरा में 1992 में एम्बुश के दौरान शहीद हुए पीर पिपलिया गांव के सीमा सुरक्षा बल के जवान मोहनसिंह सुनेर के निवास पर उनकी शहादत के बाद पहली बार पहुंचे युवाओं ने उनके परिवार व घर की दशा देखकर एक अभियान वन चेक वन फार साइन चलाकर चार तहसीलाें देपालपुर, बड़नगर, सांवेर, पीथमपुर के आम लोगों से 11 लाख की राशि जमा की थी। इस राशि से 26 अगस्त 2018 रक्षाबंधन पर शहीद की वीरांगना राजूबाई से सभी साथियों ने राखी बंधवाकर मकान निर्माण का भूमिपूजन किया था।

15 अगस्त 19 काे रक्षाबंधन व स्वतंत्रता दिवस पर सर्वसुविधायुक्त मकान बनाकर दिया था। साथ ही निर्णय लिया था कि शहीद सुनेर की यादों को चीरस्थायी बनाने के लिए पीर पीपल्या स्थित शहीद के गृहग्राम में उनकी प्रतिमा लगाकर स्मारक बनाया जाएगा। युवाओं ने अपनी घोषणा को मूर्तरूप दे दिया है। इसके चलते 22 जनवरी को दोपहर दाे बजे शहीद मोहनलाल सुनेर की प्रतिमा को इंदौर-अहमदाबाद नेशनल हाईवे पर स्थापित किया जाएगा। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व थलसेना अध्यक्ष जनरल गुरमीतसिंह होंगे।

स्मारक राष्ट्र शक्ति स्थल से नामांकित हाेगा
मिशन से जुड़े विशाल राठी व सोहनलाल परमार ने बताया ये देश का पहला प्रयोग है। हमारा संकल्प है सारे देश में सभी 36 हजार शहीदों के स्मारक राष्ट्र शक्ति स्थल स्थापित किए जाएं। अगर सरकार न करे, तो नागरिकों के सहयोग से शहीद समरसता मिशन यह काम करेगा। अभी देश के चार राज्यों में 12 से अधिक स्थानों पर शहीद समरसता मिशन द्वारा राष्ट्र शक्ति स्थल निर्मित किए जा रहे हैं। मिशन 2007 से ही शहीदों के गौरव की पुनर्स्थापना व उनके परिजनों के अधिकारों के लिए विभिन्न रचनात्मक और आंदोलनात्मक गतिविधियां चला रहा है। इससे प्रेरित होकर देशभर के विभिन्न इलाकों में शहीदों के प्रति युवाओं द्वारा अनेक कार्य किए जा रहे हैं। इंदौर और उज्जैन संभाग के सभी शहीदों के स्मारकों राष्ट्र शक्ति स्थलाें का काम आगामी तीन सालाें में पूरा कर लिया जाएगा।

Copyright © All rights reserved. | E-suvidha Teachnology