Mayur News

खबरों की दुनिया

पर्व / 30 साल बाद गुप्त नवरात्रि में शनि अपनी मकर राशि में रहेगा, देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की होती है पूजा

1 min read

जीवन मंत्र डेस्क. शनिवार, 25 जनवरी से माघ मास की नवरात्रि शुरू हो रही है। इसे गुप्त नवरात्रि कहा जाता है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार एक साल में चार बार नवरात्रि आती है। इनमें दो सामान्य और दो गुप्त होती हैं। चैत्र-आश्विन मास की में सामान्य और माघ-आषाढ़ में गुप्त नवरात्रि आती है। 23 जनवरी को शनि मकर राशि में 30 साल बाद प्रवेश करेगा। मकर शनि की ही राशि है। माघ मास के शुक्ल पक्ष में गुप्त नवरात्रि मनाई जाती है। इन दिनों में देवी मां के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। सोमवार, 3 फरवरी को नवमी तिथि रहेगी।

ये हैं देवी मां के नौ स्वरूप

नवरात्रि में शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी, सिद्धिदात्री, इन नौ स्वरूपों की विशेष पूजा अलग-अलग दिन की जाती है।
गुप्त नवरात्रि में दस महाविद्या की भी पूजा होती है। ये महाविद्याएं हैं मां काली, तारा देवी, षोडषी, भुवनेश्वरी, भैरवी, छिन्नमस्ता, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी, और कमला देवी। इन विद्याओं की कादि, हादि, सादि क्रम से उपासना की जाती है। कालीकुल के अंर्तगत काली, तारा एवं धूमावती मानी गई है। शेष विद्याएं श्रीकुल के अंर्तगत मानी गई हैं। ध्यान रखें दस महाविद्याओं की पूजा योग्य गुरु के बिना नहीं करनी चाहिए।

ये हैं देवी मां के विशेष भोग

  • मां शैलपुत्री को गाय के घी से बने सफेद व्यंजनों का भोग लगाना चाहिए।
  • ब्रह्मचारिणी मिश्री जैसे मीठे भोग लगाने चाहिए। इनकी पूजा में मिश्री, चीनी और पंचामृत का भोग लगाएं।
  • मां चंद्रघंटा को दूध से बनी चीजें जैसे खीर, रसगुल्ला और मेवे से बनी मिठाइयां चढ़ा सकते हैं।
  • मां कूष्मांडा को शुद्ध देसी घी से बने मालपुए का भोग देवी मां के इस स्वरूप को लगाना चाहिए।
  • मां स्कंदमाता को केले अर्पित करना चाहिए।
  • मां कात्यायनी को शुद्ध शहद का भोग लगाकर पूजन करना चाहिए।
  • मां कालरात्रि को गुड़ और गुड़ से बने व्यंजन चढ़ाना चाहिए।
  • मां महागौरी को नारियल चढ़ाना चाहिए।
  • मां दुर्गा को हलवा-पूरी अर्पित कर सकते हैं। नवरात्रि के अंतिम दिन छोटी कन्याओं को हलवा-पुरी वितरीत करना चाहिए।
Copyright © All rights reserved. | E-suvidha Teachnology